नन्हे सितारे
ज्ञान नैतिकता
A long empty road with trees bent by strong wind on one side and calm trees in warm golden light on the other with a coat neatly folded on a stone wall in the foreground

सूरज और हवा

1 मिनट
Read in English →

एक दिन की बात है।

सूरज और हवा में बहस हो गई।

"मैं ज़्यादा ताकतवर हूँ," हवा बोली। "देखो कैसे पेड़ झुका देती हूँ। नावें उड़ा देती हूँ। धूल उठा देती हूँ।"

"मैं ज़्यादा ताकतवर हूँ," सूरज बोला। "मेरे बिना कुछ नहीं उगता। मेरे बिना रात ही रात होती।"

बात बनी नहीं। दोनों अड़े रहे।

तभी नीचे एक सड़क पर एक आदमी दिखा। धीरे-धीरे चल रहा था। मोटा भूरा कोट पहने था। ठंड थी।

"देखो उस आदमी को," हवा बोली। "जो भी उसका कोट उतरवा दे — वो ज़्यादा ताकतवर।"

सूरज मान गया।

पहले हवा की बारी।

उसने फूँक मारी। धीमी। आदमी ने कुछ महसूस नहीं किया।

तेज़ की। आदमी ने कॉलर ऊपर किया।

और तेज़ की। एक बड़ा झोंका आया। पेड़ हिले। धूल उड़ी। सड़क पर पत्ते उड़ने लगे।

आदमी ने दोनों हाथों से कोट पकड़ लिया। सिर झुकाकर चलता रहा।

हवा ने पूरी ताकत लगाई। इतनी ज़ोर से बही कि डालियाँ टूटने लगीं।

आदमी रुका नहीं। कोट और कस लिया। और आगे बढ़ता रहा।

हवा थक गई। कोट नहीं उतरा।

अब सूरज की बारी।

वो बादलों के पीछे से धीरे-धीरे निकला।

कोई झोंका नहीं। कोई शोर नहीं। बस गर्म, शांत, धीमी धूप।

आदमी की चाल धीमी हुई। उसने चारों तरफ देखा। अच्छा लग रहा था।

सूरज थोड़ा और चमका।

A man walks slowly on a road with his coat folded over his arm and his face tilted up toward the warm golden sun his eyes closed in complete contentment while dark clouds retreat in the distance

आदमी ने कॉलर ढीला किया। फिर एक बटन खोला। फिर रुका। कोट उतारा। बाँह पर रख लिया। मुँह ऊपर किया। धूप में खड़ा रहा एक पल।

फिर आगे चल दिया।

हवा चुप रही।

"यह कैसे किया?" उसने पूछा।

"मैंने धकेला नहीं," सूरज ने कहा। "बस उसे खुद चाहने दिया।"

प्यार से जो होता है वो ताकत से नहीं होता।

शुभ रात्रि, नन्हे दोस्त।

Manoj Rajput

Manoj Rajput

टिप्पणियाँ