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तेनालीराम और जादूगर

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तेनालीराम और जादूगर दक्षिण भारत की एक मशहूर लोककथा है — राजा कृष्णदेवराय के दरबार के सबसे चतुर कवि तेनालीराम के बारे में। तेनालीराम हमेशा वो देखते थे जो बाकी सब नहीं देख पाते थे।

एक दिन राजा कृष्णदेवराय के दरबार में एक जादूगर आया।

देखने में प्रभावशाली था। लंबा चोगा। गहरी आवाज़। और एक बड़ा पीतल का संदूक जो वो हमेशा साथ रखता था।

उसने राजा को बताया — वो एक चमत्कार कर सकता है। एक घंटे में एक बीज से आम का पेड़ उगा सकता है। फल लग जाएँगे। सब दरबार के सामने।

राजा उत्सुक हो गए। दरबारी उत्साहित हो गए। ऐसा कभी नहीं देखा था।

तेनालीराम एक कोने में चुपचाप बैठे थे। जादूगर को नहीं देख रहे थे। पीतल के संदूक को देख रहे थे।

जादूगर ने बड़ा तमाशा किया।

एक मिट्टी के गमले में बीज लगाया। रेशमी कपड़े से ढका। मंत्र पढ़े। हाथ हिलाए। तीन बार गमले के चारों तरफ चला।

कपड़ा हटाया।

एक छोटा आम का पौधा उग आया था।

दरबार में हलचल मच गई।

फिर से ढका। फिर मंत्र। फिर हाथ हिलाए।

हटाया — पौधा और बड़ा था।

ऐसे ही होता रहा। एक घंटे बाद — एक छोटा पेड़ था। तीन पके आम लटके थे।

दरबार हैरान था। राजा आगे झुक गए।

तेनालीराम अपनी जगह से नहीं हिले थे।

Ek rajdarbaar mein sab log raja samet aage jhuk ke jadugar ka tamasha dekh rahe hain — ek kone mein Tenaliraman bilkul shaant baitha hai — woh jadugar ko nahi — side mein rakhe peetal ke sandook ko dekh raha hai — shaant aur jaankar nazar

"कमाल है," राजा ने कहा। "यह राज़ क्या है?"

"जादू है महाराज," जादूगर बोला। "पुराना और ताकतवर।"

"मैं तुम्हें अच्छा इनाम दूँगा," राजा ने कहा।

तेनालीराम उठे।

"इनाम देने से पहले," उन्होंने शांति से कहा, "शायद इनसे संदूक खुलवाया जाए।"

जादूगर का चेहरा नहीं बदला। पर उसका हाथ थोड़ा संदूक की तरफ गया।

"यह तो बस मेरा निजी सामान है," जादूगर बोला।

"बिल्कुल," तेनालीराम बोले। "तो एक पल में खुल जाएगा।"

राजा ने जादूगर को देखा। "खोलो।"

जादूगर एक पल ज़्यादा रुका।

पहरेदारों ने खोला।

अंदर पाँच आम के पौधे थे। एक से बड़े। हर बार रेशमी कपड़े के नीचे बदले जाने के लिए तैयार।

जादूगर को दरबार से बाहर किया गया।

राजा ने तेनालीराम को देखा।

"तुम्हें कैसे पता चला?"

"मैंने उनके हाथ नहीं देखे," तेनालीराम ने कहा। "बाकी सब देख रहे थे। मैंने वो देखा जो वो नहीं चाहते थे कि कोई देखे।"

अच्छा जादू इसलिए काम करता है क्योंकि सब वहाँ देखते हैं जहाँ देखने को कहा जाए।
कहीं और देखो — जादू गायब हो जाता है।

Manoj Rajput

Manoj Rajput

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