किस्से कहानी परिवार यादें 🌐 Read in English
A quiet Indian hostel room with iron beds and a steel cupboard, heavy monsoon rain visible through the window, a phone glowing on an empty bed

घर से दूर पहली बारिश

प्रिया पुणे में छह हफ्ते से थी जब मानसून आया।

हॉस्टल के तीसरे माले पर कमरे में थी — और एक गड़गड़ाहट सुनी। फिर बारिश से पहले मिट्टी की खुशबू। फिर छत पर बारिश — जैसे तालियाँ बज रही हों।

खिड़की पर गई।

लखनऊ में, पहली बारिश का मतलब था — अम्मा के पकौड़े। पापा का पुरानी प्लास्टिक की कुर्सियाँ बालकनी में खींचना। और छोटी बहन का बाहर भागना — जब तक अम्मा हार न मान लें।

यहाँ बालकनी नहीं थी। रूममेट वीकेंड पर घर गई थी। हॉस्टल की किचन आठ बजे के बाद बंद थी।

प्रिया देर तक बारिश देखती रही।

फिर खिड़की खोली और हाथ बाहर निकाल दिया। बारिश गर्म थी और तेज़। आस्तीन तुरंत भीग गई।

हाथ वहीं रखा।

फोन बजा। अम्मा की तरफ से एक फोटो — घर की बालकनी, प्लास्टिक कुर्सियों पर पानी, नीचे आँगन में छोटी बहन — बाहें फैलाए खड़ी।

A young woman sits alone on a hostel bed holding a glowing phone showing a family photo, heavy monsoon rain falling outside the window behind her

प्रिया ने फोटो देखी। बारिश देखी। भीगी आस्तीन देखी।

टाइप किया — same.

अम्मा ने कुछ इमोजी भेजे। फिर एक वॉयस नोट — तीस सेकंड की। घर की बारिश की आवाज़। बस।

प्रिया ने तीन बार सुना।

नीचे से आवाज़ें आ रही थीं — हॉस्टल की लड़कियाँ हँस रही थीं, आँगन में भाग रही थीं।

उसने लैपटॉप बंद किया। और नीचे चली गई। ✦

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